OUR STORY

Preamble

कमलनिष्ठा संस्थान की स्थापना 28 फ़रवरी 1997 को ग्रामीण भारत के

सामाजिक, शैक्षिक एवं आर्थिक उत्थान के उद्देश्य से की गई। संस्थान की सोच   भारतीय संस्कृति की उस मान्यता से प्रेरित है जिसमें ज्ञान को  सर्वोच्च स्थान दिया गया है। ज्ञान की देवी माँ सरस्वती के आसन  “कमल”  को आधार मानते हुए, पूर्ण समर्पण भाव से  “कमलनिष्ठा संस्थान” नामकरण किया गया।

संस्थान का मूल विश्वास है कि शिक्षा, आत्मनिर्भरता और सामाजिक जागरूकता के माध्यम  से ही स्थायी विकास संभव है। इसी विचारधारा के साथ संस्थान ने अपनी पहली  गतिविधि के रूप में “कमलनिष्ठा विद्या निकेतन प्राथमिक विद्यालय, कोलसिया” की स्थापना की।


Foundation & Early Journey

संस्थापक यात्रा और प्रारंभिक विकास

संस्थान के प्रथम विद्यालय भवन की नींव 21 मार्च 1998 को महान शिक्षाविद  प्रो. ए. पी. शर्मा एवं स्वतंत्रता सेनानी  चौधरी बेगाराम (आज़ाद हिंद फ़ौज) के कर-कमलों द्वारा रखी गई।  यह क्षण केवल एक भवन की शुरुआत नहीं, बल्कि एक सामाजिक आंदोलन की नींव थी।संस्थान का पंजीकरण राजस्थान सोसायटी रजिस्ट्रेशन एक्ट 1956 के अंतर्गत  सोसायटी रजिस्ट्रार, झुंझुनू के कार्यालय द्वारा दिनांक  28.02.1997 को किया गया।

प्राथमिक शिक्षा को सुदृढ़ बनाने हेतु जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक), झुंझुनू को 28.02.1998 को आवेदन प्रस्तुत किया गया, जिसके पश्चात विद्यालय का औपचारिक संचालन प्रारंभ हुआ।


Educational Expansion

शैक्षिक विकास की यात्रा

समय के साथ कमलनिष्ठा विद्या निकेतन ने शैक्षिक गुणवत्ता और  सामाजिक विश्वास के बल पर निरंतर प्रगति की। प्राथमिक विद्यालय को उच्च प्राथमिक विद्यालय में क्रमोन्नत किया गया, तत्पश्चात माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक स्तर तक विस्तार हुआ।

उच्च माध्यमिक स्तर पर कृषि संकाय की शुरुआत कर ग्रामीण छात्रों को व्यावहारिक एवं रोजगारोन्मुख शिक्षा से जोड़ा गया।

राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (NIOS) द्वारा  Open Basic Education (OBE) की प्रायोगिक संस्था के रूप में चयनित होना संस्थान के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि रही। यह कार्यक्रम भारतवर्ष में अपने प्रकार का प्रथम था।


Institutional Development

संस्थागत विस्तार

  • एस. आर. आदर्श विद्यालय, गोगामेड़ी (हनुमानगढ़) की स्थापना
  • कमलनिष्ठा विद्या निकेतन, हनुमानगढ़ की स्थापना
  • कमलनिष्ठा विद्या निकेतन, ओसियां (जोधपुर) की स्थापना
  • कमलनिष्ठा विद्या निकेतन, फलोदी की स्थापना
  • श्रीमती रामादेवी महिला महाविद्यालय, कोलसिया की स्थापना

Media, Awareness & Culture

संचार एवं जनजागरूकता

शेखावाटी क्षेत्र का प्रथम सामुदायिक रेडियो स्टेशन “रेडियो कमलवाणी 90.4 FM” स्थापित कर संस्थान ने सूचना, शिक्षा और जनसंपर्क के क्षेत्र में एक नई पहल की।

यह रेडियो स्टेशन शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, कृषि, संस्कृति और सामाजिक चेतना के लिए एक प्रभावी माध्यम बना।


हमारी प्रतिबद्धता

कमलनिष्ठा संस्थान केवल एक संस्था नहीं, बल्कि ग्रामीण भारत के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक निरंतर चलने वाली सामाजिक यात्रा है। हमारी प्रतिबद्धता शिक्षा, सेवा और सामाजिक परिवर्तन के उन मूल्यों पर आधारित है, जो आत्मनिर्भर, सशक्त और समावेशी समाज के निर्माण की नींव रखते हैं। हमारा उद्देश्य ग्रामीण एवं वंचित समुदायों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास, स्वास्थ्य जागरूकता और आजीविका के अवसर प्रदान करना है, ताकि प्रत्येक व्यक्ति सम्मानजनक और सुरक्षित जीवन जी सके। हम मानते हैं कि सशक्त समाज की शुरुआत शिक्षित और जागरूक नागरिकों से होती है। कमलनिष्ठा संस्थान महिला सशक्तिकरण, बाल शिक्षा, युवा नेतृत्व विकास और सामाजिक समानता के लिए निरंतर कार्यरत है। हमारी पहलें केवल सहायता तक सीमित नहीं हैं, बल्कि समुदाय को स्वयं अपने विकास का सहभागी बनाने पर केंद्रित हैं। हम लोगों को निर्णय प्रक्रिया में शामिल कर उनकी क्षमताओं को पहचानने और विकसित करने का प्रयास करते हैं। हम यह भी विश्वास करते हैं कि शिक्षा, कौशल और अवसर जब एक साथ मिलते हैं, तभी सतत सामाजिक परिवर्तन संभव होता है। इसी विश्वास के साथ संस्थान पर्यावरण संरक्षण, सांस्कृतिक संवर्धन और सामाजिक जागरूकता को भी अपनी कार्ययोजना का अभिन्न अंग मानता है। कमलनिष्ठा संस्थान की प्रतिबद्धता दीर्घकालिक है — हम तात्कालिक समाधान नहीं, बल्कि स्थायी और प्रभावी परिवर्तन की दिशा में कार्य करते हैं। समाज के प्रत्येक वर्ग के साथ सहयोग, विश्वास और पारदर्शिता के आधार पर हम एक ऐसे भविष्य का निर्माण करना चाहते हैं, जहाँ हर व्यक्ति को आगे बढ़ने का समान अवसर मिले।

SOCIAL & COMMUNITY INITIATIVES

सामाजिक एवं सामुदायिक पहल

श्रीमती रामादेवी महिला महाविद्यालय, कोलसिया

शेखावाटी क्षेत्र का प्रथम सामुदायिक रेडियो स्टेशन

“रेडियो कमलवाणी 90.4 FM”

 ग्रामीण स्वाभिमान केंद्र, कोलसिया

            उद्घाटन –

           डॉ. साहिब सिंह वर्मा

  (दिल्ली प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं श्रम मंत्री)

कौशल विकास एवं सामुदायिक सशक्तिकरण

शिक्षा के साथ-साथ संस्थान ने आजीविका, कौशल विकास और सामुदायिक आत्मनिर्भरता पर भी विशेष ध्यान दिया।

  • कोलसिया टाई एंड डाई क्लस्टर (SFURTI) की स्थापना
  • स्वतंत्रता सेनानी चौधरी बेगाराम स्मृति चैरिटेबल ट्रस्ट का पंजीकरण
  • स्वतंत्रता सेनानी चौधरी बेगाराम आई.टी.आई. की स्थापना
  • ग्रामीण स्वाभिमान केंद्र, कोलसिया की स्थापना

समुदाय आधारित सहभागिता एवं सामाजिक नेतृत्व

कमलनिष्ठा संस्थान की सामाजिक एवं सामुदायिक पहलों का मूल उद्देश्य ग्रामीण समाज में सहभागिता, जागरूकता और नेतृत्व विकास को सशक्त बनाना है। संस्थान द्वारा आयोजित ऐसे कार्यक्रम केवल औपचारिक आयोजन नहीं होते, बल्कि वे समाज के विभिन्न वर्गों को एक मंच पर लाकर संवाद, विचार-विमर्श और सामूहिक विकास की दिशा में प्रेरित करते हैं।

 

ऐसे आयोजनों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को सुदृढ़ किया गया है तथा समुदाय को अपने अधिकारों, कर्तव्यों और विकास के अवसरों के प्रति जागरूक बनाया गया है। संस्थान का यह प्रयास सामाजिक एकता, विश्वास और सहयोग की संस्कृति को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

कमलनिष्ठा संस्थान का विश्वास है कि जब समुदाय स्वयं विकास प्रक्रिया का भाग बनता है, तभी सतत और समावेशी परिवर्तन संभव हो पाता है। इसी दृष्टिकोण के साथ संस्थान निरंतर समाज के हर वर्ग को जोड़ते हुए सकारात्मक बदलाव की दिशा में अग्रसर है।

OUR LEGACY

हमारी विरासत

कमलनिष्ठा संस्थान केवल एक संस्था नहीं, बल्कि शिक्षा, सेवा और सामाजिक परिवर्तन की एक सतत यात्रा है। संस्थान ग्रामीण भारत के आत्मसम्मान, आत्मनिर्भरता और  समावेशी विकास के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।

शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का आधार मानते हुए, संस्थान ने विगत वर्षों में  शिक्षा, कौशल विकास, महिला सशक्तिकरण, आजीविका, सामुदायिक जागरूकता और सांस्कृतिक संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया है।कमलनिष्ठा संस्थान का विश्वास है कि सशक्त समाज का निर्माण तभी संभव है जब प्रत्येक व्यक्ति को शिक्षा, सम्मान और अवसर प्राप्त हों।